Showing posts with label इत्तेहाद. Show all posts
Showing posts with label इत्तेहाद. Show all posts

2 Jun 2015

जवानों में भरोसा, एक दुसरे की इज्ज़त और इत्तेहाद की लगन कैसे बड़ाई जाए?

जवानो में भरोसा, एक दुसरे की इज़्ज़त और इत्तेहाद की लगन कैसे बढ़ाई जाए?

हमारे पालनेवाले ने हमें एक दुनिया बनाकर उसमे एक साथ रहने के लिए पैदा किया. दुनिया इतनी बेहतरीन बनाया की इंसान इसे छोड़ने के लिए तैयार ही नहीं होता. कितनी भी उम्र हो जाए, इंसान को यहाँ थोड़े दिन और रहने का दिल करता है. लेकिन उसके उलट, अगर इसी दुनिया में हमारे किसी के साथ रिश्ते ख़राब हो जाए, या झगडा हो जाए तो यही दुनिया हमें काटने दौड़ती है. अगर झगडा किसी करीबी से हो तो हालात और ख़राब बन जाते है.

हमारी ज़िन्दगी को सुख और चैन से गुज़ारने में जो पॉइंट सबसे इम्पोर्टेन्ट है वो है लोगों के साथ मिल-जुल कर रहना. घर वालो के साथ साथ बहार वालो के साथ भी अच्छे अखलाक से पेश आना; फिर वो हमारे मज़हबो मसलक के हो या बहार वाले. 

जवानों में भरोसा, एक दुसरे की इज्ज़त और इत्तेहाद की लगन कैसे बड़ाई जाए? जवानों में भरोसा, एक दुसरे की इज्ज़त और इत्तेहाद की लगन कैसे बड़ाई जाए?

जवानो में भरोसा, एक दुसरे की इज़्ज़त और इत्तेहाद की लगन कैसे बढ़ाई जाए? हमारे पालनेवाले ने हमें एक दुनिया बनाकर उसमे एक साथ रहने...

Contact Form

Name

Email *

Message *

Comments